प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
श्री वीरेंद्र चौधरी का जन्म 1 मई 1969 को राजस्थान में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर बॉयज़ स्कूल, बीकानेर में प्राप्त की, जहाँ से ही उनमें अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति झुकाव विकसित हुआ। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने अमरावती विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक (B.E.) किया। तकनीकी दृष्टि को वैश्विक स्तर पर विकसित करने हेतु वे ऑस्ट्रेलिया गए, जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया से सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार में एम.टेक की उपाधि प्राप्त की। यह अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव उनके पूरे पेशेवर जीवन की नींव बना।
शैक्षणिक एवं प्रारंभिक पेशेवर जीवन
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने शिक्षण क्षेत्र से की। वे महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली में व्याख्याता रहे। इसके बाद उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में सैटर्न टेलीकम्युनिकेशन्स लिमिटेड, नई दिल्ली के साथ कंसल्टेंट के रूप में कार्य किया। इस दौर में उन्होंने तकनीकी ज्ञान, प्रबंधन कौशल और संस्थागत कार्यसंस्कृति को गहराई से समझा।
उद्योग एवं उद्यमिता
वर्ष 1998 में उन्होंने नागौर ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि. की स्थापना कर महिंद्रा वाहनों की डीलरशिप शुरू की। वर्ष 2000 से वे मारवाड़ मोटर्स प्रा. लि., बीकानेर के माध्यम से टाटा पैसेंजर कार्स के अधिकृत डीलर के रूप में सक्रिय हैं। उत्कृष्ट ग्राहक सेवा, संस्थागत अनुशासन और गुणवत्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के कारण उन्हें 2002–03 एवं 2005–06 में टाटा मोटर्स द्वारा सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा सम्मान प्रदान किया गया, जो उन्हें स्वयं श्री रतन टाटा के हाथों प्राप्त हुआ। उद्योग में उनकी पहचान केवल एक व्यवसायी के रूप में नहीं, बल्कि विश्वसनीय और मूल्य-आधारित उद्यमी के रूप में बनी।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान
शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम मानते हुए श्री चौधरी ने सक्रिय रूप से शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण और प्रबंधन में योगदान दिया। वे बलदेव राम मिर्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BMIT), जयपुर तथा BMIT ईस्ट कैंपस के प्रबंधन से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त वे महारानी किशोरीदेवी गर्ल्स स्कूल, बीकानेर के संचालन में भी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जो विशेष रूप से ग्रामीण बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित शिक्षा प्रदान करता है। उनका यह विश्वास रहा है कि बालिका शिक्षा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
सामाजिक एवं सार्वजनिक नेतृत्व
श्री वीरेंद्र चौधरी ने अनेक सामाजिक, औद्योगिक और खेल संगठनों में नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाई हैं। वे फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (FORTI), बीकानेर के अध्यक्ष रहे, जहाँ उन्होंने उद्योग और सरकार के बीच संवाद को सुदृढ़ किया। वे मरुभूमि सेवा एवं अनुसंधान संस्थान के अध्यक्ष के रूप में RTI, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत रहे। इसके साथ-साथ वे राजस्थान राइफल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष तथा नागौर राइफल शूटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे, जिससे खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया।