एक जीवन — जो समाज के साथ चला।

शिक्षा, उद्योग और सेवा की सतत यात्रा
सामाजिक / जनसेवा-भावना

एक संक्षिप्त परिचय

वीरेंद्र चौधरी का जीवन उन मूल्यों की कहानी है जहाँ सफलता समाज के प्रति जिम्मेदारी से मापी जाती है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से ईमानदारी, सेवा और समर्पण को अपना मूल मंत्र बनाया। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता उनके हर निर्णय और प्रयास में स्पष्ट दिखाई देती है। समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए उनका निरंतर प्रयास उनके दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाता है। वे विश्वास करते हैं कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उनका जीवन प्रेरणा देता है कि सच्ची सफलता वही है जो समाज को साथ लेकर आगे बढ़े।

अपने अनुभव, ज्ञान और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ वीरेंद्र चौधरी ने जनसेवा को केवल दायित्व नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य बनाया है। वे विश्वास करते हैं कि सकारात्मक परिवर्तन संवाद, सहभागिता और सतत प्रयासों से ही संभव है। जनसमस्याओं को समझना और उनके व्यावहारिक समाधान खोजना उनकी कार्यशैली का प्रमुख आधार रहा है। समाज के युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें सही दिशा देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

जन्म और प्रारंभिक शिक्षा

सरल पारिवारिक परिवेश में जन्म लेकर प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से मजबूत बुनियाद रखी।

भारत से ऑस्ट्रेलिया तक तकनीकी अध्ययन

तकनीकी ज्ञान के विस्तार हेतु भारत से ऑस्ट्रेलिया तक उच्च शिक्षा प्राप्त की।

शिक्षण और दूरसंचार क्षेत्र

शिक्षा और दूरसंचार क्षेत्र में सक्रिय रहकर नवाचार और विकास को बढ़ावा दिया।

उद्योग व उद्यमिता

उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण पर कार्य किया।

शिक्षा संस्थान

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और सहयोग किया।

सामाजिक नेतृत्व

समाज के उत्थान हेतु जिम्मेदार नेतृत्व और जनसेवा को प्राथमिकता दी।
समाज निर्माण में सहयोग करें

सेवा - एक स्वाभाविक विस्तार

लोगों के साथ, लोगों के लिए - यही सामाजिक कार्य का आधार रहा है।
सामाजिक कार्य देखें

सम्मान, सेवा एवं नेतृत्व

सामाजिक सेवा एवं पर्यावरण

उनका सामाजिक कार्य केवल संस्थागत पदों तक सीमित नहीं रहा। वे हेल्पएज इंडिया, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, तथा अंध विद्यालय (दिव्यांग सेवा) जैसी संस्थाओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे। 4 अगस्त 2008 को ग्राम गजसुखदेसर में 15,000 ग्रामीणों की सहभागिता से मात्र 3 मिनट 50 सेकंड में 1,05,000 पौधों का रोपण उनके जीवन का एक ऐतिहासिक सामाजिक-पर्यावरणीय योगदान रहा।

सम्मान एवं मान्यता

उनके सामाजिक योगदान के लिए उन्हें राजस्थान की राज्यपाल श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें स्वामी केशवानंद विकास समिति सहित अनेक संस्थाओं द्वारा बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, खेल और समाज सेवा के लिए सम्मान प्राप्त हुए।

व्यक्तित्व एवं दृष्टि

श्री वीरेंद्र चौधरी का व्यक्तित्व संयम, सादगी, दूरदृष्टि और संस्थागत सोच से निर्मित है। वे मानते हैं कि सफलता का वास्तविक मूल्य तब है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उनका जीवन उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के संतुलन का सशक्त उदाहरण है। उनका नेतृत्व सेवा, नैतिकता और समावेशी विकास पर आधारित रहा है। वे व्यक्तिगत सफलता से अधिक राष्ट्रीय हित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हैं। उनकी दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार समाज के निर्माण की प्रेरणा देती है। उनका जीवन सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व विनम्रता और जनकल्याण से उपजता है।

शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन

ग्रामीण और बालिका शिक्षा के लिए संस्थागत प्रयास, जहाँ अवसर सम्मान के साथ दिए गए।

समाचार कवरेज

हमसे जुड़े रहें

संपर्क विवरण

call us

Make a Call

visit us

Our Location

First India News ( फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ ), No. 9, S.B Tower Ground Floor, Sahakar Marg, Jyothi Nagar, Lalkothi, Jaipur, Rajasthan 302001

Contact us -

Address - First India News ( फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ ), No. 9, S.B Tower Ground Floor, Sahakar Marg, Jyothi Nagar, Lalkothi, Jaipur, Rajasthan 302001

virendrachaudhary © 2026. All Rights Reserved.